नशा का मकड़जाल : विदेशी नशा एलएसडी, कोकिन और ब्राउन शुगर के गिरफ्त में राजधानी रांची के युवा

– पहली बार रांची मंगाया गया था एलएसडी, पूरे झारखंड में करना था सप्लाई – युवा ही कम समय में अधिक पैसा...

– पहली बार रांची मंगाया गया था एलएसडी, पूरे झारखंड में करना था सप्लाई
– युवा ही कम समय में अधिक पैसा कमाने के लिए मादक पदार्थ की करते हैं तस्करी

Ajay dayal

Ranchi : राजधानी रांची में युवा पूरी तरह नशे के गिरफ्त में है़ं. ऐसे तो राजधानी के हर क्षेत्र में ब्राउन शुगर सप्लाई होता है लेकिन सुखदेवनगर थाना क्षेत्र में नशे का कारोबार सबसे अधिक है. पंडरा (सुखदेवनगर थाना क्षेत्र) में विदेशी लाइसर्जिक एसिड डाईएथिलेमाइड यानी एलएसडी, कोकिन, चरस जैसे महंगी नशा का सेवन करने करने लगे है़ं. इस नशे की तस्करी युवा ही करते हैं. जल्दी अधिक पैसा कमाने के चक्कर में युवा आसानी से इस मकड़जाल में फंस जाते हैं. इस धंधे से जुड़े युवा आसानी से छात्र अथवा आम युवा से घुल-मिल जाते हैं और माल का सप्लाई करके आसानी से निकल जाते है़ं. अब तो ब्राउन शुगर व गांजा का नशा युवाओं में आम हो गया है. युवा ही नहीं स्कूल, कॉलेज के छात्रों तक ब्राउन शुगर व गांजा बहुत ही आसानी से पहुंच रहा है़. युवा, ब्राउन शुगर को कोडवर्ड में बेचते हैं. गांजा का भी यही हाल है.

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महंगा नशा है एलएसडी

एलएसडी, चरस और कोकिन महंगा नशा है. इसका इस्तेमाल बड़े घर के बिगड़ैल शहजादे करते हैं. एसएसडी एक पोस्टल स्टंप साइज का नशे का स्ट्रीप होता है. इसकी कीमत 10-15 हजार रुपये होती है़. एलएसडी काफी खतरनाक नशा माना जाता है. फरवरी के अंत में तत्कालीन कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने एलएसडी के साथ दो युवकों को पकड़ा था तो वे भी अचंभित रह गए थे.

केस स्टडी : वन

नीदरलैंड से मंगाया गया था एलएसडी

एलएसडी को नीदरलैंड से अभिषेक (बीटेक छात्र) और अविनाश (बीकॉम छात्र) मंगाते थे. डार्क वेब के जरिए ऑर्डर करते थे और भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी पहचान छुपी रहती थी. बेल्जियम ग्रिटिंग्स कार्ड के रूप में यह आया था. लिफाफा में नीदरलैंड का टिकट लगा हुआ था. जांच के बाद पुलिस को एलएसडी मिला था. दोनों आरोपियों ने पूछताछ में 100 स्ट्रीप की कीमत आठ लाख बतायी थी. एलएसडी मुख्य रूप से बार व रेस्टोरेंट में ऊंची कीमतों पर युवाओं के बीच बेचा जाता है़.

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केस स्टडी : दो

चरस का सप्लाई करने वाला 25 वर्ष का छात्र

अभिषेक व अविनाश को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने दिल्ली में पढ़ने वाले लाल वेदांत नाथ शाहदेव को गिरफ्तार किया था. वह भी पंडरा का निवासी है. उसके पास से चरस व केली हनि लिखा इनहेलर बरामद मिला था. यह भी काफी महंगा नशा है़.

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