Click Here
Click Here
Click Here

क्रशर उद्योग पर संकट के बादल: दूरी के नियमों से हजारों की आजीविका दांव पर, चैंबर ने वित्त मंत्री से मांगी राहत

Ranchi: झारखंड के क्रशर उद्योग और उससे जुड़े हजारों परिवारों के भविष्य को लेकर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मोर्चा खोल दिया...

crusher industry
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से की मुलाकात

Ranchi: झारखंड के क्रशर उद्योग और उससे जुड़े हजारों परिवारों के भविष्य को लेकर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने मोर्चा खोल दिया है. रविवार को चैंबर के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर से मुलाकात कर खनन पट्टों और क्रशर इकाइयों के लिए निर्धारित नए दूरी मानकों (400 व 500 मीटर) से उत्पन्न संकट पर चर्चा की.

दूरी के पेंच में फंसा रोजगार और राजस्व

प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया, कि उच्च न्यायालय में लंबित पीआईएल (आनंद कुमार बनाम झारखंड सरकार) के संदर्भ में लागू किए गए इन कड़े मानकों के कारण राज्य की अधिकांश क्रशर इकाइयां बंदी के कगार पर हैं.

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

आजीविका का संकट

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने चेतावनी दी, कि यदि इन नियमों में व्यावहारिक बदलाव नहीं किए गए, तो हजारों मजदूरों के सामने भूखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी. क्रशर उद्योग प्रभावित होने से राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की लागत बढ़ेगी और सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान होगा.

सरकार सकारात्मक कदम उटाएगी

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चैंबर की चिंताओं को वाजिब बताते हुए आश्वासन दिया कि सरकार उद्योग और रोजगार के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर सकारात्मक कदम उठाएगी. प्रतिनिधिमंडल में महासचिव रोहित अग्रवाल, नितेश शारदा और मोइज अख्तर समेत कई प्रमुख व्यवसायी शामिल थे.

यह भी पढ़ें: अखिल भारतीय सूंड़ी शौंडिक वैश्य महासंघ का गठन, शिवरतन प्रसाद गुप्ता बने महासंघ के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *