Koderma: निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा 10 जून से 26 जून 2026 तक संचालित राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के अंतर्गत “नशा मुक्त झारखंड” अभियान के आलोक में सदर अस्पताल, कोडरमा में मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति विषयक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
परामर्श शिविर आयोजित
कार्यक्रम के दौरान मनोचिकित्सक डॉ. शिल्पी शर्मा द्वारा विशेष परामर्श शिविर आयोजित कर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं एवं नशे की लत से प्रभावित मरीजों का चिकित्सीय परीक्षण एवं उपचार किया गया. साथ ही उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों को मानसिक रोगों के प्रारंभिक लक्षणों, समय पर उपचार के महत्व, नशे के दुष्प्रभावों तथा उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई.
पम्पलेट का वितरण
इस अवसर पर अस्पताल के प्रतीक्षालय में उपस्थित लोगों के बीच जागरूकता पम्पलेट का वितरण किया गया तथा उन्हें बताया गया कि अवसाद, चिंता विकार, तनाव, अनिद्रा, व्यवहार संबंधी समस्याएं एवं नशे की लत जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं उपचार योग्य हैं.
विशेषज्ञों की अपील
विशेषज्ञों ने लोगों से मानसिक रोगों एवं नशा संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने का आग्रह किया. कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉ. सिद्धांत ओहदार द्वारा जानकारी दी गई कि जिला स्तर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक रोगों एवं नशा मुक्ति से संबंधित परामर्श और उपचार सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
नशा मुक्त समाज पर जोर
आमजन से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशा मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उपचार एवं परामर्श सेवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करना है.
स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
इस अवसर पर सदर अस्पताल के गणेश कुमार दास, राहुल कुमार, जितेंद्र मिश्रा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.



