Ranchi: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है. BCCL धनबाद इकाई में तैनात सहायक कमांडेंट अरुण जय कुमार को उनके वर्तमान पद से हटाते हुए वापस इंस्पेक्टर बना दिया गया है. इसके साथ ही विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है. यह कार्रवाई उनके कार्यक्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रही कोयला चोरी की वारदातों और उसमें उनकी व उनकी टीम की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए की गई है.
प्रमोशन के एक साल भीतर ही गिरी गाज
विभागीय सूत्रों के अनुसार, अरुण जय कुमार बीते साल ही इंस्पेक्टर के पद से लोकल रैंक में पदोन्नति पाकर सहायक कमांडेंट बने थे. सीआइएसएफ मुख्यालय ने उन्हें यह जिम्मेदारी सार्वजनिक उपक्रम की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा को सुदृढ़ करने और बल की छवि को बेहतर बनाने के उद्देश्य से दी थी,हालांकि, पदोन्नति मिलने के महज एक साल के भीतर ही उनके इस कृत्य ने पूरे CISF मुख्यालय को हैरान कर दिया है. रविवार को CISF दिल्ली मुख्यालय को इस संबंध में एक स्पेशल रिपोर्ट भेजी गई है.
जांच कमेटी गठित का हुआ गठन
इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि BCCL धनबाद इकाई में सहायक कमांडेंट के रूप में अरुण जय कुमार की कार्यप्रणाली पूरी तरह से संदेहास्पद रही है. उनके अधिकार क्षेत्र में संगठित रूप से कोयला चोरी के सिंडिकेट को बढ़ावा देने और उसमें उनकी टीम की मिलीभगत के गंभीर साक्ष्य मिले हैं. इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी है. जांच दल न सिर्फ कोयला चोरी में अरुण जय कुमार की भूमिका की पड़ताल करेगा, बल्कि उनकी टीम में शामिल अन्य जवानों और अधिकारियों की संलिप्तता की भी गहराई से जांच की जा रही है.
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