श्रमदान और सहयोग की मिसाल: लीड्स संस्था ने तीन गांवों में खड़ी की जल संरक्षण की मजबूत दीवार

Simdega: जलडेगा प्रखंड के तुरुपडेगा, टीनगीना और सिलिंगा डोंगीझरिया गांवों में लीड्स संस्था की पहल से जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय...

Simdega: जलडेगा प्रखंड के तुरुपडेगा, टीनगीना और सिलिंगा डोंगीझरिया गांवों में लीड्स संस्था की पहल से जल संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य किया गया है. संस्था द्वारा कुल पांच स्थानों पर बोरी बांध का निर्माण कराया गया, जिससे अब ग्रामीणों की खेती और दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है. इस कार्य में खास बात यह रही कि लीड्स संस्था ने जहां आवश्यक सामग्री के रूप में बोरी उपलब्ध कराई, वहीं गांव के लोगों ने सामूहिक श्रमदान कर इन बांधों का निर्माण किया. इस सामूहिक प्रयास ने गांवों में एकजुटता और सहभागिता की मिसाल पेश की है.

बताया गया कि तुरुपडेगा में 7 किसानों की 11.5 एकड़ जमीन, टीनगीना में 4 किसानों की 3.5 एकड़ जमीन, डोंगीझरिया में 12 किसानों की 8.5 एकड़ जमीन—कुल मिलाकर 23.5 एकड़ भूमि अब इन बोरी बांधों के माध्यम से सिंचित हो सकेगी, जिससे किसानों की खेती में वृद्धि होगी और उनकी आय बढ़ने की संभावना है.

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सिर्फ सिंचाई ही नहीं, कई और फायदे

बोरी बांध के निर्माण से गर्मी के मौसम में जंगल-पहाड़ों से बहने वाले छोटे-छोटे जिंदा नालों के पानी को रोका जा सकेगा. इससे न केवल खेतों को पानी मिलेगा, बल्कि गांव के पशुओं के लिए पीने का पानी उपलब्ध रहेगा. साथ ही, ग्रामीण इस जमा पानी का उपयोग नहाने और अन्य दैनिक कार्यों में भी कर सकेंगे.

बोरी बांध निर्माण में संस्था के कलिंद्र प्रधान, जूही कुमारी और ललिता कंडुलना ने ग्रामीणों को श्रमदान के लिए प्रेरित किया. उनके मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन से ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सभी ने मिलकर इन बांधों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया.

परियोजना समन्वयक आलोक कुमार ने बताया कि लीड्स संस्था का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और किसानों की आजीविका को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े बदलाव की नींव रखते हैं. बोरी बांध के माध्यम से न सिर्फ पानी का संरक्षण हो रहा है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम है.

इस पहल से उत्साहित ग्रामीणों ने लीड्स संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यों से गांव में खेती और जीवन दोनों आसान होंगे.

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