Ranchi: राजधानी के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत स्वर्गीय बिरसा मुंडा की हत्या और उनके अधिकारों के हनन का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है. ‘हमर अधिकार मंच’ ने इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर केंद्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. मंच के अध्यक्ष दीपेश निराला ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को उसके संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता. उन्होंने आयोग से मांग की है, कि ‘मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993’ के तहत इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर पीड़ित परिवार को अविलंब न्याय दिलाया जाए.
वेतन शोषण और मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप
मंच के सचिव चंद्रदेव कुमार वर्णवाल (चंदू) द्वारा दायर शिकायत में खुलासा किया गया है, कि बिरसा मुंडा को न केवल महीनों से वेतन नहीं दिया गया था, बल्कि उन्हें निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से भी कम भुगतान किया जा रहा था. 24 अप्रैल, 2026 को हुई उनकी हत्या ने प्रशासन की लापरवाही और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को उजागर कर दिया है.
क्या है मांगें
• पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल देने हेतु त्वरित मुआवजा भुगतान.
• महीनों से लंबित वेतन का पूर्ण भुगतान.
• परिवार के एक आश्रित सदस्य को सरकारी नियम के तहत नौकरी.
• हत्या और शोषण के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई.
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