चतरा: वन विभाग ने बायपास सड़क पर खोदा ट्रेंच, ग्रामीणों का आवागमन बाधित

Chatra: एक ओर राज्य सरकार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन...

bypass road
Chatra: Forest Department digs trench on bypass road

Chatra: एक ओर राज्य सरकार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग की कार्रवाई से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. चतरा जिले के कुंदा प्रखंड स्थित कुंदा-अखरा बायपास सड़क पर वन विभाग द्वारा ट्रेंच (खाई) खोदे जाने का ग्रामीणों ने रविवार को विरोध किया. ग्रामीणों का कहना है कि इस कदम से एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है और हजारों लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित

ग्रामीणों के अनुसार, कुंदा-अखरा-जगरनाथपुर-टिकैतबांध मार्ग को स्थानीय लोग बायपास सड़क के रूप में इस्तेमाल करते हैं. इस सड़क पर ट्रेंच खोद दिए जाने से अखरा, टिकैतबांध, टिकुलिया, पचरुखिया, नावाडीह, जगरनाथपुर, मोहनपुर, कुंदा, कुशुमभा, चुटिघाट और ककहिया समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के करीब 5 हजार लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है. अब लोगों को प्रतापपुर, चतरा और बिहार जाने के लिए करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है.

ग्रामीण
सड़क पर ट्रेंच काटे जाने का विरोध करते ग्रामीण

लकड़ी रखकर ट्रेंच पार कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे

सड़क बंद होने का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है. बच्चे ट्रेंच पर लकड़ी रखकर जान जोखिम में डालते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं. यूपीएस अखरा के छात्र संदीप कुमार ने बताया कि ट्रेंच खोदे जाने के कारण वह दो दिनों तक स्कूल नहीं जा सके. बाद में उनके पिता ने लकड़ी रखकर रास्ता बनाया, जिसके बाद स्कूल जाना संभव हो पाया.

वहीं छात्र चंदन कुमार ने कहा कि लकड़ी के सहारे ट्रेंच पार करते समय काफी डर लगता है. सभी बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर किसी तरह सड़क पार करते हैं. बच्चों ने उपायुक्त से जल्द सड़क को आवागमन के लिए बहाल कराने की मांग की है.

वन विभाग
वन विभाग द्वारा काटे गए ट्रेंच पर लकड़ी रखकर विद्यालय जाते बच्चे

जाम के समय यही सड़क बनती है बायपास

ग्रामीणों ने बताया कि कुंदा-प्रतापपुर मुख्य सड़क पर जाम लगने की स्थिति में इसी मार्ग का उपयोग वैकल्पिक रास्ते के रूप में किया जाता है. यह सड़क वर्षों से ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख साधन रही है. मनरेगा योजना के तहत इस सड़क का निर्माण मिट्टी, मोरम और हार्ड सरफेस के साथ कराया गया था, लेकिन चार दिन पहले वन विभाग ने पौधारोपण के नाम पर ट्रेंच खोदकर सड़क पूरी तरह बंद कर दी. ग्रामीणों का आरोप है कि आने-जाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से अविलंब सड़क को आवागमन के लिए खोलने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो वे जिला मुख्यालय में उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

मुखिया ने अधिकारियों से समाधान कराने का दिया भरोसा

समस्या की जानकारी मिलने पर कुंदा पंचायत के मुखिया सह मुखिया संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार साहू और पूर्व उपमुखिया सतेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि इस मामले को DC, सांसद, विधायक और वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष उठाकर सड़क पर आवागमन जल्द बहाल कराने की मांग की जाएगी.

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