NewsWave Desk : अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है. इसके साथ श्रद्धालुओं की भीड़ अमरनाथ में देखी जा रही है. लेकिन इस बार अमरनाथ में स्थित बाबा बर्फानी के शिवलिंग ने श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ा दी है. जानकारी के अनुसार अमरनाथ स्थित बाबा बर्फानी का शिवलिंग इस बार समय से पहले पिघल गया. पहले जहां शिवलिंग एक महीने से अधिक समय तक रहता था. वहीं, इस बार पांच दिनों के अंदर ही बाबा बर्फानी का शिवलिंग पिघल गया. शिवलिंग के पिघले से श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गयी है. शिवलिंग के पिघलने से जलवायु परिवर्तन या ग्लोबल वार्मिंग की भूमिका पर चर्चा शुरू हो गई है. जानकारी हो कि पिछले तीन सालों में, बर्फ एक सप्ताह से अधिक समय तक नहीं टिक पाई है. विशेषज्ञ इस जल्दी पिघलने का कारण बढ़ते वैश्विक तापमान, कम हिमपात और कश्मीर क्षेत्र में अनियमित लू को मानते है.
99 फीसदी तक पिघला शिवलिंग
जानकारी है कि अमरनाथ गुफा के अंदर स्थित शिवलिंग मई में लगभग सात फीट ऊंचा रहा. यह पवित्र शिवलिंग, बढ़ते स्थानीय तापमान और अन्य जलवायु संबंधी कारकों के कारण लगभग 99 प्रतिशत तक कम हो गया.
PDP नेता ने सोशल मीडिया में जानकारी साझा की
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए पीडीपी PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने अमरनाथ हिमशिला के समय से पहले पिघलने के पीछे जलवायु परिवर्तन के कारणों के रूप में अंधाधुंध वृक्षारोपण, अवैध खनन, अपशिष्ट कुप्रबंधन और जल स्तर में खतरनाक कमी को जिम्मेदार ठहराया.
3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है गुफा
अमरनाथ गुफा जम्मू और कश्मीर के अंनतनाग जिला में स्थित है. जो लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. गुफा में हर साल प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनता है क्योंकि गुफा की छत से पानी की बूंदें कम तापमान में जम जाती है. यह कश्मीर हिमालय में लिद्दर घाटी के नीचे बसा हुआ है. तीर्थयात्री पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग या छोटे लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर लंबे बाल्टल मार्ग से तीर्थस्थल तक पहुंच सकते है.
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