आयुष चौहान
रांची : राज्य में बोटब्रो नामक बड़ा स्कैम चल रहा है यह स्कैम फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों से उनके लाखो रूपए ठगे जा रहे है. हालांकि यह तमाम चीज पहली बार नहीं हो रही है, पंजाब के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय प्रवर्तन निदेशालय ने पूरे उत्तर भारत के राज्यों में चल इस स्कैम का खुलासा किया था और मेन एजेंट हरिंदर सिंह पाल को 17 सितंबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार करते हुए पूछताछ की थी. उसने बताया था कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड दुबई में बैठा है, लेविस चौधरी उर्फ नवाब इस पूरे फर्जीवाड़े को अपने एजेंट के जरिए अंजाम दे रहा है. इसमें लगभग अभी तक 400 से भी ज्यादा करोड़ की चल अचल संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा अटैच की जा चुकी है.

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कोडरमा में सबसे ज्यादा पीड़ित
यहां गौर करने वाली बात यह है कि अपनी जमा पूंजी को ट्रेडिंग में निवेश करने के एवज में 5 से 6% के मुनाफे का लालच देकर झारखंड के छोटे शहरों को निशाना बनाया गया. इसमें कोडरमा से सबसे ज्यादा पीड़ित है जिसमें कई ने 1 लाख से लेकर 8 लाख एवं 10 लाख तक निवेश किया है. हालांकि शुरुआती दौर में उनके पैसे से ही कुछ-कुछ रुपए उनके अकाउंट में भेज कर उसे मुनाफे के तौर पर दिखाया गया. कोडरमा के अलावा लोहरदगा रामगढ़ धनबाद बोकारो के कई पीड़ित शामिल हैं. इधर ठगी की जानकारी पाकर अपने परिचितों से पैसे वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं, जहां उन्हें पैसे वापस किए जाने का दिलासा दिया जा रहा है.

ब्लू डायमंड एग्जीक्यूटिव को ढूंढ रहे पीड़ित
दरअसल झारखंड के छोटे शहरों से मुनाफे की उम्मीद में निवेश करने वाले पीड़ित अब अपने परिचितों से पैसे वापस मांग रहे हैं तब उन्हें बताया गया कि इस पूरे सिंडिकेट का किंगपिन लेविस चौधरी उर्फ नवाब का झारखंड में एक ब्लू डायमंड एग्जीक्यूटिव है जिसकी वजह से वह जाल में फंसे है अपना नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा गया कि वह आश्वासन दिए समय पर अगर पैसे नहीं मिले तो वह अपनी शिकायत लेकर प्रवर्तन निदेशालय के पास जाएंगे.
