Giridih : गृह रक्षा वाहिनी एवं झारखंड अग्निशमन सेवा के संयुक्त तत्वावधान में जिले में 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक “अग्निशमन सेवा सप्ताह” का आयोजन किया जा रहा है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजनों को आगजनी की घटनाओं के प्रति जागरूक करना, समय पर सतर्कता बरतने के उपाय बताना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना है.
जिलेभर में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
इस दौरान अग्निशमन विभाग की टीम द्वारा जिले के विभिन्न प्रखंडों, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. सरकारी कार्यालयों, बाजार क्षेत्रों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को अग्नि सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी जा रही है. साथ ही अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग को लेकर भी विस्तार से समझाया जा रहा है.
मॉक ड्रिल से दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण
अग्निशमन पदाधिकारी रवि रंजन ने कहा कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए हर व्यक्ति को अग्निशमन यंत्रों के उपयोग की बुनियादी जानकारी होना जरूरी है. अभियान के तहत मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने तथा तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया प्रदर्शन
उत्सव उपवन में आयोजित मॉक ड्रिल में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक समेत कई पदाधिकारियों की उपस्थिति में आग से बचाव के उपायों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को जागरूकता बैच और पंपलेट भी वितरित किए गए. जानकारी दी गई कि 17 अप्रैल को समाहरणालय परिसर में भी विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा.
Also Read: चाईबासा : सड़क हादसों में घायलों की मदद करने पर त्रिशानु राय को उपायुक्त ने किया सम्मानित
घरेलू सुरक्षा उपायों पर भी जोर
अग्निशमन विभाग द्वारा लोगों को घरेलू और दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की भी जानकारी दी जा रही है, जिसमें गैस सिलेंडर का सुरक्षित उपयोग, बिजली के उपकरणों की नियमित जांच, ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित रखना और बच्चों को आग से दूर रखने जैसी सावधानियां शामिल हैं.
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
अग्निशमन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, आग लगने की स्थिति में तुरंत नजदीकी अग्निशमन केंद्र को सूचना दें और अग्निशमन वाहनों को रास्ता देने में सहयोग करें. विभाग का कहना है कि जागरूकता और सावधानी ही अग्निकांड जैसी घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है.
Also Read: सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए अंसारी का हमला, बोले—नीतीश का ‘पॉलिटिकल मर्डर’
