ऊर्जावान चौकीदारों’ की टोली गांव-गांव जाकर संथाली भाषा में करेगी जागरूक
Pakur: पाकुड़ जिले में सामाजिक कुरीतियों, विशेषकर बाल विवाह के खिलाफ पाकुड़ पुलिस ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है. एसपी निधि द्विवेदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नाबालिगों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अब केवल जुर्माना नहीं, बल्कि पोक्सो एक्ट जैसी संगीन धाराओं में कार्रवाई होगी. हाल ही में ईद के दौरान कई बाल विवाह रुकवाने के बाद, पुलिस का अगला लक्ष्य आगामी अक्षय तृतीया है. इस दिन होने वाले सामूहिक विवाहों पर पुलिस की विशेष शाखा की नजर रखेगी. एसपी ने कहा कि पुलिस के पास सूचना तंत्र मजबूत है और किसी भी सूरत में कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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संथाली भाषा में ‘नुक्कड़ नाटक’ से जागरूकता
जागरूकता की कमी को दूर करने के लिए पुलिस ने अनोखा रास्ता चुना है. नवनियुक्त और ऊर्जावान चौकीदारों की एक विशेष टोली बनाई गई है. यह टोली पाकुड़ के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर स्थानीय संथाली भाषा में नुक्कड़ नाटक करेगी. इसका उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी अपनी भाषा में बाल विवाह के शारीरिक और कानूनी दुष्प्रभावों को समझाना है. एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि पाकुड़ पुलिस का यह प्रयास रहेगा कि क्षेत्र में व्याप्त कुरीतियां खत्म हों. हमने ईद के बाद कई बाल विवाह रोके हैं. अब अक्षय तृतीया को लेकर भी हम सतर्क हैं. हमने चौकीदारों की एक टोली बनाई है जो नुक्कड़ नाटक और संथाली भाषा के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगी. बाल विवाह में सहयोग करने वाले चाहे वो वर या वधू पक्ष हों या पंडित—सब पर कड़ी कार्रवाई होगी. यदि कहीं बाल विवाह पाया जाता है, तो वर और वधू पक्ष के अभिभावक, विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी या पुजारी, शादी में सहयोग करने वाले अन्य करीबी रिश्तेदार पर कार्रवाई होगी.
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