Jamtara : मनरेगा में पारदर्शिता के तमाम दावों के बीच जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड की करमाटांड़ पंचायत में पशु शेड निर्माण योजनाओं में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. आरोप है कि बिचौलियों, मुखिया, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक और अन्य संबंधित कर्मियों की मिलीभगत से दो योजनाओं में करीब ढाई लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली गई, जबकि मौके पर निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हुआ.
फर्जी मजदूरों के नाम पर निकाली रुपये
मिली जानकारी के अनुसार, हेठ करमाटांड़ निवासी परेश मंडल के नाम स्वीकृत पशु शेड (वर्क कोड- 55801) में जून 2025 के दौरान फर्जी मजदूरों के नाम पर करीब 17,145 रुपये की मजदूरी निकाली गई. वहीं मार्च 2026 में सामग्री आपूर्ति के नाम पर किसान हार्डवेयर के बिल संख्या 375 के माध्यम से 86,270 रुपये तथा कुशल मजदूर (मिस्त्री) के नाम पर 16,236 रुपये की निकासी दर्शाई गई. आरोप है कि कुल मिलाकर इस योजना में करीब 1.20 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाल ली गई.

मनरेगा योजनाओं पर खड़े सवाल
इसी प्रकार हेठ करमाटांड़ की गीता देवी के नाम स्वीकृत पशु शेड (वर्क कोड- 55805) में भी लगभग 1.22 लाख रुपये की निकासी का आरोप है. इसमें मजदूरी मद में करीब 20,400 रुपये, कुशल मजदूर के नाम पर 16,300 रुपये तथा सामग्री मद में किसान हार्डवेयर के बिल संख्या 385 के जरिए 85,400 रुपये का भुगतान दिखाया गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों योजनाओं में बिना नींव खोदे ही बड़ी राशि की निकासी कर ली गई. इससे पूरे प्रखंड में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए हैं. ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में करमाटांड़ प्रखंड विकास पदाधिकारी एजाज हुसैन ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. इसकी जानकारी ली जाएगी. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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