झारखंड में औसत से 38 प्रतिशत कम बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता, जानें अपने जिले का हाल

Ranchi : झारखंड में इस साल मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. 1 जून से 18 जुलाई तक के...

मानसून

Ranchi : झारखंड में इस साल मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. 1 जून से 18 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का स्तर चिंताजनक रूप से सामान्य से काफी नीचे है. मानसून की इस बेरुखी ने न केवल जल स्रोतों के स्तर को प्रभावित किया है, बल्कि राज्य के किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी है.

क्या कहते हैं आंकड़े

मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे झारखंड में अब तक कुल 231.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा का स्तर 371.2 मिलीमीटर होना चाहिए था. यह आंकड़ा राज्य में कुल मिलाकर 38 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है. मानसून के इस महत्वपूर्ण दौर में इतनी कम बारिश सीधे तौर पर कृषि गतिविधियों और खरीफ फसलों की बुवाई को प्रभावित कर रही है.

किन जिलों में स्थिति सबसे खराब

सबसे ज्यादा संकट की स्थिति गढ़वा जिले में है. जहां सामान्य से 72 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. इसके बाद चतरा में 69 प्रतिशत, कोडरमा में 63 प्रतिशत, और पाकुड़ में 62 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं, देवघर में भी स्थिति खराब है. जहां सामान्य से 59 प्रतिशत कम बारिश हुई है. हजारीबाग, गिरिडीह और गोड्डा जैसे जिलों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से आधा यानी 50 प्रतिशत से कम बारिश हुई है.

कुछ राहत वाले जिले

सिमडेगा में सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है. सरायकेला-खरसावां में 19 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. दुमका, रांची और पश्चिमी सिंहभूम में भी 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. समय पर पर्याप्त बारिश न होने के कारण धान की रोपनी पिछड़ गई है. अगर आने वाले दिनों में बारिश के मिजाज में सुधार नहीं होता है, तो फसलों के उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है. जिसका सीधा असर राज्य की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय पर पड़ सकता है.

 

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