Bokaro: डीवीसी बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (बीटीपीएस) द्वारा एक बार फिर दामोदर नदी को प्रदूषित किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है. ताप बिजली घर से निकलने वाला राख, छाई, तैलीय और हानिकारक रसायनों से युक्त दूषित बहिस्राव सीधे कोनार नदी और दामोदर के संगम स्थल के समीप गिर रहा है, जिससे जल के प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है.
नियमों की अनदेखी
नियमानुसार विद्युत उत्पादन की प्रक्रिया में निकलने वाले इस कचरे को पाइपलाइन के माध्यम से ऐश पौंड में भेजा जाना चाहिए, ताकि इसे नदी में गिरने से रोका जा सके, परंतु बीटीपीएस प्रबंधन की लापरवाही के कारण यह दूषित पानी सीधे जलधारा में मिल रहा है.
पाइपलाइन फटने से बढ़ी समस्या
ताजा घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार को सुबह लगभग सवा आठ बजे दूषित बहिस्राव को ऐश पौंड तक ले जाने वाली पाइपलाइन, पौंड से पहले बाजारटांड़ के पास फट गई. इस रिसाव के कारण रासायनिक कचरा पौंड में जाने के बजाय बाहर बह रहा है और समीपवर्ती नाले के माध्यम से कोनार नदी में समाहित हो रहा है.
स्थानीय लोगों ने उठाई आवाज
स्थानीय लोगों और दामोदर बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने सुबह इसकी गंभीर स्थिति के चित्र सार्वजनिक किए हैं. यह कोई पहली घटना नहीं है. डीवीसी बीटीपीएस में कभी पाइपलाइन का फटना तो कभी ऐश पौंड की दीवारों का टूटना आम बात हो गई है, जिससे औद्योगिक कचरा सीधे नदियों की पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचा रहा है.
सरयू राय की कड़ी प्रतिक्रिया
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री और दामोदर बचाओ आंदोलन के प्रणेता सरयू राय ने कहा कि बीटीपीएस प्रबंधन आदतन दूषित बहिस्राव समय-समय पर दामोदर में गिरा रहा है. उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते राख का नियमित निस्तारण नहीं किया गया, तो बरसात के समय स्थिति और भी गंभीर हो सकती है.
डीसी से कार्रवाई की मांग
सरयू राय ने बोकारो उपायुक्त को साक्ष्य भेजते हुए आग्रह किया है कि वे जिला पर्यावरण समिति के अध्यक्ष के रूप में अपनी शक्तियों का उपयोग कर प्रदूषण को तत्काल रोकें और दोषी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें.
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी चेतावनी
उन्होंने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएं, ताकि नदियों के अस्तित्व को बचाया जा सके.
