Ranchi: झारखंड में मानसून पूरी तरह से एक्टिव है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य में झमाझम बारिश के आसार भी हैं, फिर भी मानसून की चाल इस साल बेहद सुस्त और निराशाजनक बनी हुई है. मौसम विभाग द्वारा जारी 1 जून से 19 जुलाई 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं. मौजूदा मानसून सीजन के दौरान झारखंड में अब तक कुल 240.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य रूप से इस अवधि में 380.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, यह सामान्य से 37 प्रतिशत कम है.
इन जिलों में स्थिति सबसे भयावह
गढ़वा और चतरा की स्थिति सबसे चिंताजनक बनी हुई है. गढ़वा में अब तक मात्र 92.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य के मुकाबले 71 प्रतिशत कम है. चतरा में सामान्य से 68 प्रतिशत कम बारिश हुई है. कोडरमा और पाकुड़ में 60 फीसदी से कम बारिश हुई है. देवघर, गोड्डा, हजारीबाग, गिरिडीह, लातेहार और पलामू सामान्य से 40 से 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है. सिमडेगा में सामान्य से 13 प्रतिशत और पश्चिमी सिंहभूम में 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. रांची में सामान्य से 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
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कृषि पर गहराता संकट
मानसून की इस बेरुखी का सीधा असर राज्य की खरीफ फसल पर पड़ रहा है. धान की रोपनी के लिए खेतों में पानी का जमा होना जरूरी है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने के कारण कई क्षेत्रों में किसान अभी भी बुआई के लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं. यदि आने वाले दिनों में बारिश का यही हाल रहा, तो पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.
