रांची: राजधानी के स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एसएसपी राकेश रंजन शुक्रवार एक महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया है. एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और डीएसपी को निर्देश दिया है कि वे तत्काल प्रभाव से अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों (बस और टेम्पो) की सघन जांच करें और उनका पूरा डेटाबेस तैयार करें. एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट शुक्रवार रात तक ही एसएसपी कार्यालय को सौंपी जाए.
जांच के मुख्य बिंदु: क्या-क्या विवरण जुटाएगी पुलिस?:
- गाड़ी का निबंधन संख्या (नंबर) और वह किस प्रकार का वाहन है
- वाहन मालिक का नाम, संपर्क नंबर और उनका स्थायी पता.
- यदि वाहन किसी ट्रांसपोर्टर के अधीन है, तो उसका नाम, नंबर और पता.
- ड्राइवर और हेल्पर का नाम, मोबाइल नंबर, उनके आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की छायाप्रति.
- क्या स्कूल प्रबंधन के पास इन वाहनों और उनके स्टाफ की सूची पहले से मौजूद है? इस पर पुलिस अधिकारी अपनी टिप्पणी देंगे.
- यह सुनिश्चित करना कि सभी ड्राइवरों और हेल्परों का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं.
- जिन कर्मियों का वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ है, उनका वेरिफिकेशन अविलंब शुरू करने का निर्देश.
- सभी वाहनों की फिटनेस की जांच करना और बसों के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के संबंध में स्कूल प्रबंधन से अनिवार्य रूप से वार्ता करना.
सुरक्षा से समझौता नहीं: एसएसपी:
एसएसपी राकेश रंजन ने निर्देश दिया है कि सभी थाना प्रभारी खुद स्कूलों का दौरा करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी अवैध या अनफिट वाहन सड़कों पर बच्चों को लेकर न दौड़े. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहन मालिकों और स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों के सफर को सुरक्षित बनाना और संदिग्ध ड्राइवरों या सहायकों पर नकेल कसना है. पुलिस अब सीधे स्कूलों और ट्रांसपोर्टरों के संपर्क में रहकर हर एक गतिविधि पर नजर रखेगी.
