सरायकेला: SM स्टील प्लांट को लेकर आदरडीह में बढ़ा तनाव, नंदीग्राम जैसा माहौल बन रहा – ग्रामीणों की चेतावनी

Saraikela : नीमडीह थाना क्षेत्र के आदरडीह में प्रस्तावित SM स्टील एंड पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों के बीच विवाद गहराता जा...

स्टील एंड पावर प्लांट

Saraikela : नीमडीह थाना क्षेत्र के आदरडीह में प्रस्तावित SM स्टील एंड पावर प्लांट को लेकर ग्रामीणों के बीच विवाद गहराता जा रहा है. सप्लाई और ट्रांसपोर्टिंग को लेकर अब तीन गुट आमने-सामने आ गए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी ठीकेदारों और जमीन दलालों के कारण इलाके का माहौल पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम जैसा हो सकता है.

बालू-गिट्टी सप्लाई में गड़बड़ी का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट में बालू, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री की सप्लाई में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हमने बालू की सप्लाई की, लेकिन दलालों ने उसे 3000 रुपये प्रति ट्रैक्टर के दर पर खरीद लिया. जबकि बाजार में वही बालू 4500 रुपये प्रति ट्रैक्टर बिक रहा है. बीच का 1500 रुपये का अंतर कौन खा रहा है? ग्रामीणों का कहना है कि जमीन देने के बाद अब सप्लाई में भी उन्हें दरकिनार किया जा रहा है.

बाहरी ठीकेदारों का बढ़ा दबदबा

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट में पश्चिम बंगाल के ठीकेदारों का बोलबाला बढ़ गया है. पहले जो जमीन दलाल थे, अब वे ही ठीकेदारी में उतर गए हैं. इससे बाहरी तंत्र मजबूत हो रहा है और स्थानीय जमीन दाताओं की एक नहीं चल रही है. ग्रामीणों ने कहा, पहले जमीन ली गई, अब रोजगार और सप्लाई से भी बाहर किया जा रहा है. अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय में यहां नंदीग्राम जैसा माहौल बनने से कोई रोक नहीं सकता.

तीन गुटों में बंटे ग्रामीण

सप्लाई और ट्रांसपोर्टिंग के मुद्दे को लेकर गांव तीन गुटों में बंट गया है. एक गुट कंपनी से जुड़े बाहरी लोगों का समर्थन कर रहा है, दूसरा गुट स्थानीय ठीकेदार राजीव कुमार राम के साथ है, जबकि तीसरा गुट उन लोगों का है जो पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और चुनाव चाहते हैं. तीनों गुट रोजाना एक-दूसरे पर ट्रांसपोर्टिंग में मनमानी और कमीशनखोरी का आरोप लगा रहे हैं. इससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया है.

जमीन दाताओं को ठगा जा रहा

ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट के नाम पर जमीन तो ले ली गई, लेकिन अब वादे के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार नहीं मिल रहा है. जो थोड़ी-बहुत सप्लाई मिल भी रही है, उसमें भी दलालों की कटौती हो रही है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सप्लाई और ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय जमीन दाताओं को प्राथमिकता दी जाए और रेट तय किए जाएं. साथ ही बाहरी गाड़ियों और बंगाल नंबर की गाड़ियों पर रोक लगाई जाए.

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया और स्थानीय लोगों को उनका हक नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे. गौरतलब है कि SM स्टील का प्लांट आदरडीह, गौरडीह, रघुनाथपुर, सांगिड़ा और केतूंगा मौजा में 1200 एकड़ में प्रस्तावित है. जमीन अधिग्रहण के बाद से ही मुआवजा, रोजगार और सप्लाई को लेकर विवाद चल रहा है.

Also Read : तमिलनाडु में पलामू के युवक की गई जान, ट्रेन से गिरकर हुई दर्दनाक मौत

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *