Ranchi: झारखंड के राजस्व की रीढ़ कहे जाने वाले वाणिज्य-कर विभाग को अब रफ्तार और संसाधन दोनों मिलने वाले हैं. राज्य के स्वकर राजस्व में 60 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखने वाले इस विभाग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विभागीय मंत्री राधाकृष्ण ने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर 15 दिनों के भीतर 280 नए वाहनों की खरीद का प्रस्ताव मांगा है.
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संसाधन बढ़ेंगे तो राजस्व भी बढ़ेगा
मंत्री के अनुसार यदि विभाग को आधुनिक सुविधाएं दी जाएं. तो सालाना 24 से 26 हजार करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह बढ़कर 30 से 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. वर्तमान में विभाग संसाधनों की कमी के कारण जीएसटी फर्जीवाड़े और कर चोरी के खिलाफ पूरी क्षमता से कार्रवाई नहीं कर पा रहा है. इस कदम से फील्ड में तैनात अधिकारियों की स्ट्राइक रेट बेहतर होगी.
भर्ती और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
• रिक्तियों पर एक्शन- स्वीकृत 443 पदों में से खाली पड़े 163 पदों को भरने का भी निर्देश दिया गया है.
• समान वितरण- विभाग में कार्यरत सभी 280 पदाधिकारियों के लिए सुगम्य वाहनों की व्यवस्था की जाएगी.
