Ranchi: राजधानी रांची में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा हुई. कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू, राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे. वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर संविधान की भावना के विपरीत काम करने का आरोप लगाया और संविधान की रक्षा के लिए सभी लोगों से एकजुट होने की अपील की. झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने कहा कि भारत का संविधान दुनिया के सबसे श्रेष्ठ संविधानों में से एक है और इसकी तुलना किसी अन्य देश के संविधान से नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान की सबसे बड़ी ताकत समानता (Equality) का सिद्धांत है, जो हजारों वर्षों की सामाजिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुभव से तैयार हुआ है.
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ED, CBI, NIA तथा चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं केंद्र सरकार के प्रभाव में
उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश की कई संवैधानिक संस्थाएं संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रही हैं. उनका कहना था कि संसद में विपक्षी जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं मिलता और ED, CBI, NIA तथा चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्षता से काम करने के बजाय केंद्र सरकार के प्रभाव में कार्य कर रही हैं. के. राजू ने राज्यसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन सही दस्तावेज होने के बावजूद रद्द कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों में अलग रवैया अपनाया गया. उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों के लिए समान व्यवहार की बात करता है, लेकिन वर्तमान समय में ऐसा नहीं हो रहा है. मीडिया पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज मीडिया आम जनता के मुद्दों से ज्यादा सत्ता पक्ष के प्रचार पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना होगा.

आरक्षण पर दिया गया जोर
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आरक्षण दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्गों का संवैधानिक अधिकार है. उनका कहना था कि समाज में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए आरक्षण आवश्यक है. उन्होंने कहा कि जब तक देश में जाति व्यवस्था बनी रहेगी, तब तक सामाजिक असमानता भी बनी रहेगी.
सत्ता में बैठे लोग संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रहे : राधा कृष्ण किशोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी यदि संविधान पर चर्चा करने की जरूरत पड़ रही है, तो यह चिंता का विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि संविधान राष्ट्र को समर्पित दस्तावेज है, लेकिन यदि उसे लागू करने वाले सही न हों तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो जाती है. उन्होंने कहा कि आरक्षण से समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिला है और यही संविधान की खूबसूरती है कि एक दलित परिवार का बेटा आज राज्य का वित्त मंत्री बनकर जनता के बीच बैठा है. उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा जाति और धर्म से ऊपर उठकर चुनाव लड़ा और जनता का विश्वास प्राप्त किया. उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय की अनदेखी के कारण ही कई क्षेत्रों में असंतोष और उग्रवाद जैसी परिस्थितियां पैदा हुईं.
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संविधान की रक्षा करना पूरे देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती: प्रदीप यादव
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि आज संविधान की रक्षा करना पूरे देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और जरूरत पड़ने पर संविधान में संशोधन का अधिकार भी संविधान ने ही दिया है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1949 में संविधान लागू होने के समय कुछ संगठनों ने इसका विरोध किया था और आज भी वही विचारधारा संविधान को कमजोर करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने लोगों से संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया. कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने संविधान, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और आरक्षण के मुद्दों पर अपने विचार रखते हुए युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की.


