Bihar: बिहार में रेल कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की दिशा में केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है. दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी मिलने के बाद इसके निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस परियोजना के तहत देश में करीब 1705 किलोमीटर लंबा हाई स्पीड रेल ट्रैक विकसित किया जाएगा, जिसमें बिहार की महत्वपूर्ण भागीदारी होगी.
बिहार में बिछेगा करीब 400 किलोमीटर हाई स्पीड ट्रैक
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत बिहार में लगभग 400 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन ट्रैक बनाया जाएगा. इसके पूरा होने के बाद बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के बीच हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी.

पटना, बक्सर और कटिहार में बनेंगे बुलेट ट्रेन स्टेशन
रेलवे की प्रारंभिक योजना के अनुसार बुलेट ट्रेन के लिए प्रत्येक 100 से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्टेशन विकसित किए जाएंगे. बिहार में फिलहाल पटना, बक्सर और कटिहार को संभावित स्टेशन के रूप में चिन्हित किया गया है. इन स्टेशनों का लाभ न सिर्फ इन जिलों बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को भी मिलेगा.
दिल्ली, वाराणसी और सिलीगुड़ी की यात्रा होगी बेहद आसान
बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद लंबी दूरी की यात्राएं काफी कम समय में पूरी हो सकेंगी.
- पटना से दिल्ली (करीब 1000 किमी) – लगभग 4 घंटे 41 मिनट
- पटना से वाराणसी – करीब 50 मिनट
- पटना से सिलीगुड़ी – लगभग 2 घंटे 5 मिनट
वर्तमान में जहां पटना से दिल्ली पहुंचने में 13 से 15 घंटे तक का समय लगता है, वहीं बुलेट ट्रेन के जरिए यह सफर पांच घंटे से भी कम समय में पूरा हो सकेगा.
रोजगार, उद्योग और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आर्थिक विकास का भी नया माध्यम बनेगी. जिन जिलों से बुलेट ट्रेन कॉरिडोर गुजरेगा, वहां लॉजिस्टिक्स पार्क, इंडस्ट्रियल हब और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है. निर्माण कार्य और उससे जुड़े क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
शिक्षा, चिकित्सा और व्यापार के लिए होगा बड़ा बदलाव
हाई स्पीड रेल सेवा शुरू होने के बाद लोगों का आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान होगा. शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापार और पर्यटन के लिए तेज और सुरक्षित यात्रा संभव होगी. साथ ही उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होने से राज्य के समग्र विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.


