EXCLUSIVE: IPS सुमन गुप्ता की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति NOC मामला: पुलिस मुख्यालय ने पकड़ी खामियां, गृह विभाग ने एनओसी किया रद्द, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Ranchi: झारखंड कैडर के 1997 बैच की आईपीएस अधिकारी अधिकारी श्रीमती सुमन गुप्ता की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर राज्य प्रशासनिक महकमे में...

EXCLUSIVE: IPS Suman Gupta's central deputation NOC case: DGP seeks reconsideration citing procedural flaws, Home Department revokes NOC; read full report

Ranchi: झारखंड कैडर के 1997 बैच की आईपीएस अधिकारी अधिकारी श्रीमती सुमन गुप्ता की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर राज्य प्रशासनिक महकमे में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. झारखंड की डीजीपी द्वारा राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुमन गुप्ता को दी गई एनओसी के निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया था, जिसके बाद गृह विभाग ने केंद्र सरकार को भेजी गई एनओसी को निरस्त कर दिया है.

पत्र में उठाईं गई गंभीर प्रशासनिक खामियां

मुख्य सचिव को अवगत कराया गया कि आईपीएस सुमन गुप्ता की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के मामले में निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रियाओं का उचित पालन नहीं किया गया. आईपीएस सुमन गुप्ता द्वारा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन सीधे पुलिस महानिदेशक (रेल) के माध्यम से गृह विभाग को भेजा गया था. नियमानुसार, यह आवेदन पहले पुलिस मुख्यालय को भेजा जाना चाहिए था, जहां सतर्कता स्थिति, विभागीय कार्रवाईयों एवं सेवा अभिलेखों की जाँच के बाद इसे अग्रसारित किया जाता.

यह भी पढ़ें: 14वीं JPSC PT में अनियमितता को लेकर भाजपा ने खोला मोर्चा, 22 जुलाई को JPSC कार्यालय घेरने का ऐलान

मुख्यालय के अभिमत की अनदेखी

पुलिस अधिकारियों के व्यक्तिगत फाइल और गोपनीय रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय में ही संधारित होते हैं. मुख्यालय का अभिमत लिए बिना ही गृह विभाग द्वारा इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत कर दिया गया. गृह विभाग ने यह उल्लेख किया था कि अधिकारी के विरुद्ध कोई प्रतिकूल सूचना या विभागीय कार्रवाई लंबित नहीं है. इस पर डीजीपी कार्यालय ने स्पष्ट किया कि केवल विभागीय कार्रवाई लंबित न होना ही एनओसी का आधार नहीं हो सकता, जब तक पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी अभिलेखों का समेकित परीक्षण न किया जाए. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यह किसी व्यक्ति विशेष के विरोध का विषय नहीं है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता, विभागीय उत्तरदायित्व और नियमानुसार निर्णय प्रक्रिया को सुनिश्चित करने से संबंधित है.

राज्य गृह विभाग ने निरस्त की एनओसी, गृह मंत्रालय को पत्र जारी

डीजीपी कार्यालय के इस आपत्ति पत्र और पुनर्विचार अनुरोध के बाद, झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने बड़ा कदम उठाया. गृह विभाग के अवर सचिव अजीत कुमार सिंह द्वारा भारत सरकार के गृह मंत्रालय (IPS-III) के अवर सचिव को एक पत्र लिखा गया है. पत्र में कहा गया सुमन गुप्ता, द्वारा सह महानिरीक्षक स्तर के पदों पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति हेतु समर्पित अभ्यावेदन के आलोक में पूर्व में जारी एनओसी को राज्य सरकार द्वारा विचारोपरांत निरस्त करने का निर्णय लिया गया है. अतः अनुरोध है कि पूर्व में संसूचित एनओसी को निरस्त समझा जाए और उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के प्रस्ताव पर अग्रेतर कार्रवाई न की जाए.

अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया

इस संपूर्ण घटनाक्रम से साफ है कि पुलिस मुख्यालय की आपत्तियों और प्रक्रियागत अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने आईपीएस सुमन गुप्ता की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के निर्णय को फिलहाल वापस ले लिया है तथा केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया है.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *