Ranchi: झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान आवंटित राशि के विरुद्ध विस्तृत आकस्मिकता (डीस ) बिल जमा करने की प्रक्रिया में सक्रियता दिखाई है. सरकारी नियमों के तहत, एसी बिलों के माध्यम से निकाली गई राशि का विवरण डीसी बिल के रूप में देना अनिवार्य होता है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य, गृह और वाणिज्य कर जैसे बड़े विभागों ने करोड़ों रुपये के बिल क्लियर किए हैं.
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बड़े विभागों की सक्रियता
आंकड़ों के अनुसार वाणिज्य कर विभाग और गृह विभाग ने सबसे अधिक डीसी बिल जमा किए हैं. अकेले वाणिज्य कर विभाग के तीन बड़े बिलों का योग ही 8.23 करोड़ से अधिक है. स्वास्थ्य विभाग के बिल राज्य के विभिन्न जिलों (हजारीबाग, जमशेदपुर, गुमला, कोडरमा) की ट्रेजरी से जमा किए गए हैं.
पारदर्शिता: इन बिलों का सत्यापन और डेटा प्रविष्टि सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जिससे राज्य के घाटे या खर्चों के वास्तविक आंकड़े स्पष्ट हो सकेंगे.
वाणिज्य कर विभाग ने कितनी राशि क्लियर की
• 3,61,00,000 रुपए
• 2,35,00,000 रुपए
• 2,27,00,000 रुपए
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन ने कितनी राशि क्लियर की
• 3,11,99,946 रुपए
• 2,07,99,931 रुपए
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग
• 30,62,144 रुपए
• 21,52,502 रुपए
• 21,15,000 रुपए
• 21,00,000 रुपए
• 18,17,200रुपए
• 17,75,000 रुपए
• 15,25,000 रुपए
• 13,75,000 रुपए
• 13,05,000 रुपए
• 8,45,000 रुपए
• 4,99,720 रुपए
• 2,76,072 रुपए
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