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ज्रेडा ने निजी डेवलपर्स से मांगे प्रस्ताव, पीपीपी मोड में शुरू होगी योजना, हुंडरू, जोन्हा, दसम फॉल और शंख नदी पर बनेगी बिजली
SAURAV SINGH
Ranchi: झारखंड में सौर ऊर्जा के बाद अब जल ऊर्जा को बड़े पैमाने पर मथने की तैयारी शुरू हो चुकी है. राज्य के विभिन्न जिलों में बहने वाली नदियों, झरनों और प्रपातों की बहती धारा से बिजली पैदा करने के लिए झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (JREDA) ने एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की है. इसके तहत राज्य भर में चिन्हित 16 प्रमुख स्थलों पर स्मॉल, मिनी और माइक्रो हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स (25 मेगावाट से कम क्षमता) विकसित किए जाएंगे. ज्रेडा ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOOT) मॉडल पर इन परियोजनाओं के निर्माण, साइट सर्वे, तकनीकी मूल्यांकन और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए अनुभवी निजी डेवलपर्स से अभिरुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की है.
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इन 16 खूबसूरत प्रपातों और नदियों में बनेगी बिजली
ज्रेडा ने शुरुआती मूल्यांकन के आधार पर राज्य के 5 जिलों में 16 प्रमुख स्थानों का चयन किया है.
– रांची जिला: हुंडरू फॉल (सुवर्णरेखा नदी), दसम फॉल (कांची नदी), जोन्हा फॉल (राढ़ू नदी), सीता फॉल, अरकी (तजना नदी) और तोरपा (कारो नदी).
– सिमडेगा जिला: ठेठईटांगर (शंख नदी), कुरडेग (शंख नदी), कोलेबिरा-1, कोलेबिरा-2 (ब्राह्मी नदी) और कोलेबिरा-3.
– गुमला जिला: रायडीह (शंख नदी) और बसिया (कोयल नदी).
– लातेहार जिला: सुगाबांध स्टेज-1 और सुगाबांध स्टेज-2 (बूढ़ा/उत्तरी कोयल नदी).
– पश्चिम सिंहभूम: मनोहरपुर (कोयल व कारो नदी).
30-35 सालों के लिए मिलेगा अधिकार, बाद में सरकार को हैंडओवर होगी संपत्ति
यह पूरी परियोजना ‘बूट’ (BOOT) मॉडल पर आधारित होगी. इसके तहत चिन्हित डेवलपर्स ही अपने खर्च पर विस्तृत सर्वे करेंगे, डीपीआर बनाएंगे और पावर प्लांट का निर्माण व संचालन करेंगे. एक निश्चित रियायत अवधि (Concession Period) के बाद पूरी परियोजना और उसकी संपत्ति राज्य सरकार को हस्तांतरित (Handover) कर दी जाएगी. उत्पादित बिजली को झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) को बेचा जाएगा.
केंद्र सरकार की नई योजना से मिलेगा वित्तीय अनुदान
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने हाल ही में वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए लघु जल विद्युत योजनाओं (1 MW से 25 MW) हेतु नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इसके तहत चयनित डेवलपर्स को केंद्र सरकार की ओर से सेंट्रल फाइनेंशियल असिस्टेंस के तहत आकर्षक वित्तीय अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा.
