Bihar: बिहार के नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र स्थित बिशुनपुर गांव में शनिवार को एक ही परिवार में हुई दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. पारिवारिक विवाद के बीच परिवार के चार सदस्यों ने आत्महत्या का प्रयास किया. इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है. मृतकों की पहचान दिलेंद्र तांती (65), उनके बड़े बेटे रंजीत तांती (40) और बहू गौरी देवी (30) के रूप में हुई है. वहीं छोटे बेटे पुरुषोत्तम तांती (35) का इलाज अस्पताल में जारी है.
पहले छोटे बेटे ने की आत्महत्या की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, घटना की शुरुआत तब हुई जब छोटे बेटे पुरुषोत्तम तांती ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. हालांकि परिजनों और ग्रामीणों ने समय रहते उसे बचा लिया और इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया. पुरुषोत्तम ने पुलिस को बताया कि जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तब परिवार के अधिकांश सदस्य वहीं मौजूद थे. इसी दौरान बड़े भाई रंजीत तांती और उनकी पत्नी गौरी देवी ने कथित तौर पर सल्फास की गोलियां खा लीं.
चार वर्षीय बेटे को भी जहर खिलाने की कोशिश, बच्चे ने बचाई अपनी जान
जानकारी के अनुसार, दंपती ने अपने चार वर्षीय बेटे प्रिंस को भी सल्फास खिलाने का प्रयास किया. लेकिन बच्चे ने गोली खाने से इनकार कर दिया और उसे फेंक दिया, जिससे उसकी जान बच गई. रंजीत और गौरी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई.
अस्पताल में परिवार, घर पर पिता ने लगा ली फांसी
इधर परिवार के सदस्य अस्पताल में थे, उधर घर पर मौजूद दिलेंद्र तांती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया.
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अवैध संबंध की चर्चा, पुलिस ने जांच शुरू की
डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में ग्रामीणों ने परिवार में लंबे समय से विवाद होने की जानकारी दी है. कुछ लोगों ने ससुर और बहू के बीच कथित अवैध संबंध होने की भी चर्चा की है. हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है. मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ जारी है.
चार वर्षीय बच्चे के बयान से सामने आई अहम जानकारी
मृतका गौरी देवी के चार वर्षीय बेटे प्रिंस ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता उसे बाजार लेकर गए थे, जहां से सल्फास की गोलियां खरीदी गई थीं. घर लौटने के बाद उसे भी गोलियां खिलाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने गोली फेंक दी. इसी वजह से उसकी जान बच गई.
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
चंडी थाना अध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, जबकि पति-पत्नी ने जहरीला पदार्थ खाया. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा.
